सिक्किम ने 40 उच्च-जोखिम वाली हिमनद झीलों (High-Hazard Glacial Lakes) की पहचान की है, जिनमें 16 झीलों को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (Glacial Lake Outburst Flood–GLOF) की दृष्टि से श्रेणी A (Category A–Highest Risk) में रखा गया है। श्रेणी A की इन 16 झीलों में अचानक झील फटने और निचले क्षेत्रों में गंभीर विनाश का अत्यधिक जोखिम है, जबकि 2 झीलें श्रेणी B (Category B–High Risk) और 9 झीलें श्रेणी C (Category C–Moderate to Low Risk) में हैं तथा 13 झीलें अभी अवर्गीकृत (Unclassified) हैं और उनका मूल्यांकन जारी है। संवेदनशील स्थलों में ल्होनक कॉम्प्लेक्स (Lhonak Complex), जिसमें नॉर्थ एवं साउथ ल्होनक झीलें (North and South Lhonak Lakes) शामिल हैं, गुरुडोंगमार कॉम्प्लेक्स (Gurudongmar Complex) की झीलें A, B और C, तथा शाको छो (Shako Chho) और चांगसांग झीलें (Changsang Lakes) शामिल हैं। इन झीलों की निगरानी के लिए सिक्किम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology–DST) नोडल एजेंसी है, जो सैटेलाइट इमेजरी (Satellite Imagery), रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing), भूभौतिकीय जांच (Geophysical Investigations), बैथीमेट्रिक अध्ययन (Bathymetric Studies) और फील्ड सर्वेक्षण (Field Surveys) का उपयोग कर झीलों के जल एवं हिम स्तर, जल की मात्रा, निकास मार्ग की स्थिरता और आसपास के भू-भाग का आकलन करता है।