लद्दाख प्रशासन ने 30 जुलाई 2026 को क्षेत्र के 23 विरासत स्थलों (Heritage Sites) को संरक्षित स्मारक (Protected Monuments) घोषित किया। इन स्थलों को जम्मू एवं कश्मीर प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम [Jammu and Kashmir Ancient Monuments Preservation Act (Samvat 1977 / 1920 A.D.)], जो केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लागू है, के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किया गया है। लेह जिला के अधिसूचित स्थलों में शार्नोस, डोमखर, लेहदो, अल्ची, मुर्गी और मैंगमोर के शैलचित्र स्थल (Petroglyph Sites), शेय स्थित मैत्रेय बुद्ध शैल प्रतिमा (Maitreya Buddha Rock Carving), टिंगमोसगंग किला, सुमूर किला, सासपोल, हुंदर, ओनपो तथा स्टाम्पुक की प्राचीन गुफाएँ (Ancient Caves), स्टोंगडे गोम्पा, देचेन त्सोमो खार किला तथा दिग्गर में स्थित चम्बा कारपो और रिगसुम गोनबो की शैल मूर्तियाँ एवं नक्काशियाँ (Rock Sculptures/Carvings) शामिल हैं।
कारगिल जिला में योरबालटक के ऐतिहासिक शिलालेख (Historic Rock Inscriptions) को भी संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है।