CTET Level -2 (09 June 2024)

Question 1:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 

कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं। 

जीवक को कौन-सी बात कचोट रही थी?

  • मानव-जाति प्रकृति की पूजा क्यों नहीं करती है ? 

  • मानव-जाति प्रकृति पर उपकार क्यों नहीं करती है ?

  • मानव-जाति प्रकृति का आभार क्यों नहीं मानती है ? 

  • मानव-जाति प्राकृतिक संपदा का उपयोग क्यों करती है ?

Question 2:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

जीवक किस प्रकार की वनस्पति की खोज कर रहा था? 

  • जिस वनस्पति में दवा बनाने से संबंधित कोई गुण न हो । 

  • जो वनस्पति उसे अमर बना सके । 

  • जिस वनस्पति से वह औषधि तैयार कर सके । 

  • जिस वनस्पति को देखकर उसके आचार्य प्रशन्न हो जाएँ । 

Question 3:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

जीवक को ऐसा क्यों लगा कि उसकी शिक्षा अधूरी है?

  • क्योंकि वह आश्रम में और अधिक दिन रहना चाह रहा था। 

  • क्योंकि वह औषधीय गुणरहित वनस्पति की पहचान नहीं कर पाया था। 

  • क्योंकि वह औषधीय गुण वाली वनस्पति की पहचान नहीं कर पाया था। 

  • क्योंकि उसे अपने आचार्य की कोई भी बात याद नहीं आ रही थी । 

Question 4:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

लौटते हुए जीवक के मन में किस तरह के विचार आ रहे थे? 

 

  • उसे अपनी असफलता के बारे में आचार्य से नहीं बताना चाहिए । 

  • आचार्य द्वारा ली जा रही परीक्षा में क्या वह सफल हो पाएगा। 

  • उसकी शिक्षा पूरी हो चुकी है । 

  • वह इससे अधिक परिश्रम नहीं करना चाहता । 

Question 5:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

तक्षशिला विश्वविद्यालय के परिसर हेतु किस विशेषण का प्रयोग हुआ है ? 

  • बहुत सुन्दर 

  • बहुत बड़ा 

  • बहुत पुराना 

  • बहुत अनोखा 

Question 6:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

'जड़मति' शब्द का अर्थ है। 

  • ज्ञानी

  • अकृतज्ञ 

  • मूर्ख 

  • जटिल 

Question 7:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

नीचे दिए गए शब्दों में से किस शब्द में प्रत्यय और उपसर्ग दोनों का प्रयोग हुआ है ? 

  • परिश्रम 

  • सफलता 

  • अज्ञात 

  • असफलता 

Question 8:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

'जैव - संपदा' का समास विग्रह है। 

  • जैव के लिए संपदा 

  • जैव और संपदा 

  • जैव में संपदा 

  • जैव की संपदा 

Question 9:

निर्देश :- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के सही। सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 
कई दिनों तक परिश्रमपूर्वक खोजने के बाद भी जीवक को ऐसी कोई वनस्पति प्राप्त नहीं हुई जिसमे औषधीय गुण न हों। वह तक्षशिला विश्वविद्यालय के विशाल परिसर के बाहर दूर-दूर तक जाकर ढूँढ़ चुका था, अनेक अज्ञात वनस्पतियों का परीक्षण भी कर चुका था पर उसे सफलता हाथ नहीं लगी। अंततः उसे खाली हाथ आचार्य के पास लौटना पड़ा। लौटते हुए वह विचार कर रहा था। आचार्य से अपनी असफलता बताकर क्या उत्तीर्ण हुआ जा सकता है? नहीं। उसे अभी और परिश्रम करना पड़ेगा। उसकी शिक्षा अधूरी है। उसने धरती माता के वात्सल्य का अनुभव किया था । प्राणियों के पोषण और रक्षण के लिए प्रकृति द्वारा दिए गए वरदानों से वह परिचित हुआ था। उसके मन मे यह बात कचोट रही थी कि प्रकृति से इतनी अमूल्य जैव - संपदा पाकर हम कृतज्ञ क्यों नहीं होते? कितने जड़मति हैं वे लोग जो इसे नष्ट करते हैं।

 

वात्सल्य' का अर्थ है। 

  • मातृ-पितृवत् स्नेह 

  • सहज भाव 

  • देश प्रेम 

  • भक्ति भाव 

Question 10:

निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । 

बहुत दिनों से सोच रहा था, थोड़ी धरती पाऊँ 

उस धरती में बाग बगीचा, जो हो सके लगाऊँ ।

खिलें फूल - फल, चिड़ियाँ बोलें, प्यारी खुशबू डोले,

ताजी हवा जलाशय में अपना हर अंग भिगो ले। हो सकता है पास तुम्हारे, अपनी कुछ धरती हो 

फूल - फल लदे अपने उपवन हों, अपनी परती धरती हो । 

हो सकता है छोटी-सी क्यारी हो, महक रही हो 

छोटी-सी खेती हो जो फसलों से दहक रही हों 

यदि लेखक के पास थोड़ी-सी धरती होती, तो वह क्या नहीं करता? 

  • खेती करना 

  • नहर बनाना

  • बगीचा लगाना 

  • पेड़-पौधे लगाना 

Scroll to Top
Big Update: Investigation Ordered Against CEC Gyanesh Kumar Big Update on Live-in Relationship Rules 3 Space-Related Names Every Student Should Know Remember Wetlands Easily With This Simple Trick Who Takes Over After the President and Vice President?