पद्म श्री प्राप्त फ़ोटोग्राफ़र रघु राय का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है| उन्होंने 18 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित कीं जिनमें रघु राय की इंडिया: रिफ्लेक्शन्स इन कलर (Raghu Rai’s India: Reflections in Colour), रिफ्लेक्शन्स इन ब्लैक एंड व्हाइट (Reflections in Black and White), और एक्सपोज़र: पोर्ट्रेट ऑफ़ अ कॉर्पोरेट क्राइम (Exposure: Portrait of a Corporate Crime) शामिल हैं| 2016 में हरियाणा में रघु राय केंद्र फॉर फोटोग्राफी (Raghu Rai Centre for Photography) की स्थापना की| रघु राय फाउंडेशन, जो 2010 में स्थापित किया गया था, उनके 50,000 से अधिक फ़ोटोग्राफ़्स को संरक्षित करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनकी दृश्य विरासत बनी रहे| 18 दिसंबर, 1942 को झांग, पंजाब (अब पाकिस्तान में) में जन्मे, उन्हें मूल रूप से एक सिविल इंजीनियर के रूप में प्रशिक्षित किया गया था| उन्होंने बांग्लादेश मुक्ति युद्ध (1971 Bangladesh Liberation War), आपातकाल (1975–77 the Emergency), ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star), और भोपाल गैस त्रासदी (1984 Bhopal gas tragedy) जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं का दस्तावेजीकरण किया, जिससे वैश्विक फोटो जर्नलिज्म में कुछ सबसे प्रतीकात्मक छवियाँ उत्पन्न हुईं| उनके घनिष्ठ पोर्ट्रेट में मदर टेरेसा, इंदिरा गांधी, दलाई लामा, सत्यजित राय और उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ जैसे व्यक्तित्व शामिल थे|