Staff Selection Commission (SSC) ने अपनी भर्ती प्रक्रिया को और ज़्यादा व्यवस्थित, Transparent और उम्मीदवारों के हित में बनाने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य Aim यह है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी पद खाली न रहे और अधिकतम योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति का लाभ मिल सके| अब SSC द्वारा अंतिम मेरिट लिस्ट जारी करने से पहले ही Candidates को Seat Fix और Seat Float का अवसर दिया जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि उम्मीदवार अपनी मिली हुई सीट को Final कर सकते हैं या फिर बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद में उसे Float पर रख सकते हैं। अब तक की व्यवस्था मे यह देखा गया था कि कई उम्मीदवार चयन के बाद Joining नहीं करते थे। कई बार उम्मीदवार किसी दूसरी परीक्षा या नौकरी के कारण अपनी सीट छोड़ देते थे| इसकी वजह से कई पद खाली रह जाते थे और उन्हे भरने मे विभागों को काफी परेशानी होती थी| इसी समस्या को ध्यान मे रखते हुए SSC ने यह नया Seat Fix- Float System लागू किया है, ताकि नियुक्तियों के बाद सीटें खाली न जाएँ।
How Seat Fix-Float System Will Work:
इस नई व्यवस्था के अनुसार, परीक्षा का परिणाम आने के बाद Candidates को उनके Marks और Preference के आधार पर Provisional Allotment दिखाई जाएगी। उम्मीदवारों को यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि उन्हें कौन-सी Post और कौन-सा Department मिल रहा है। यदि किसी Candidate को लगता है कि आगे चलकर उसे उसकी Higher Preference वाली पोस्ट मिल सकती है, तो वह अपनी वर्तमान सीट को Float पर रख सकता है। वहीं, जो उम्मीदवार अपनी मिली हुई पोस्ट से संतुष्ट हैं, वे Seat Fix करके चयन प्रक्रिया को Final कर सकते हैं।
SSC के चेयरमैन के अनुसार, सामान्य रूप से लगभग 20 से 30 प्रतिशत उम्मीदवार Selection के बाद नौकरी Join नहीं करते। इससे न सिर्फ Posts खाली रह जाती हैं, बल्कि पूरी भर्ती Cycle भी प्रभावित होता है। नए Seat Fix-Float System में अगर कोई Candidate अपनी सीट छोड़ता है, तो वही सीट तुरंत अगले Eligible Candidate को Offer कर दी जाएगी। इससे Waiting लिस्ट का सही उपयोग होगा और Posts समय पर Fill हो सकेंगी।
CGL Mains 2025 : Exam Updates
यह भी जानकारी दी गई है कि 18 जनवरी को परीक्षा Single Shift मे Conduct की जाएगी । चेयरमैन के अनुसार, Computer Based Test-2 को एक ही शिफ्ट में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 1.32 लाख Candidates शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए देशभर में करीब 400 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। SSC आने वाले समय में, यानी 2026 तक, CBT Exams को और अधिक Streamlined और Efficient बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके साथ ही SSC ने 2026 तक का Proposed परीक्षा का Schedule भी जारी कर दिया है। इस Schedule के अनुसार, Tier-1 परीक्षाएं आमतौर पर Notification जारी होने के कम से कम दो महीने बाद कराई जाएँगी। 2025 के अंत से लेकर 2026 तक अलग-अलग Examinations का Calendar इस तरह तैयार किया गया है कि Candidates को Enough तैयारी का समय मिल सके और Exams के Overlap की समस्या कम हो। कुल मिलाकर, SSC का यह नया Seat Fix-Float System भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इससे Candidates को बेहतर Choice मिलेगी, Transparency बढ़ेगी और सरकारी Departments में पद खाली रहने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। यह कदम चयन प्रक्रिया को ज़्यादा प्रभावी, निष्पक्ष और Result-Oriented बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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