UPSSSC Junior Assistant (09 June 2024)

Question 1:

कुण्डलिया छंद किन दो छंदों के योग से बनता है?

  •   दोहा-सोरठा

  • रोला-उल्लाला 

  • दोहा-रोला

  • दोहा-उल्लाला 

Question 2:

निम्न में कौन सा कार्यालयी पत्र नहीं है?

  • संपादक के नाम पत्र

  •  निमंत्रण पत्र

  • प्रेस-विज्ञप्ति

  •  प्रार्थना पत्र

Question 3:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

राष्ट्र केवल जमीन का टुकड़ा ही नहीं बल्कि हमारी  सांस्कृतिक विरासत होती है जो हमें अपने पूर्वजों से परंपरा के रूप में प्राप्त होती है। जिसमें हम बड़े होते हैं, शिक्षा पाते हैं और साँस लेते हैं-हमारा अपना राष्ट्र कहलाता है और उसकी पराधीनता व्यक्ति की परतंत्रता की पहली सीढी  होती है। ऐसे ही स्वतंत्र राष्ट्र की सीमाओं में जन्म लेने वाले व्यक्ति का धर्म, जाति, भाषा या संप्रदाय कुछ भी हो, आपस में स्नेह होना स्वाभाविक है। राष्ट्र के लिए जीना और काम करना, उसकी स्वतंत्रता तथा विकास के लिए काम करने की भावना राष्ट्रीयता कहलाती है।

जब व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति से धर्म, जाति, कुल आदि के आधार पर व्यवहार करता है तो उसकी दृष्टि संकुचित हो जाती है। राष्ट्रीयता की अनिवार्य शर्त है- देश को प्राथमिकता, भले ही हमें 'स्व' को मिटाना पड़े। महात्मा गाँधी, तिलक, सुभाषचन्द्र बोस आदि के कार्यों से पता चलता है कि राष्ट्रीयता की भावना के कारण उन्हें अनगिनत कष्ट उठाने पड़े, किंतु वे अपने निश्चय में अटल रहे। व्यक्ति को निजी अस्तित्व कायम रखने के लिए पारस्परिक सभी सीमाओं की बाधाओं को भुलाकर कार्य करना चाहिए तभी उसकी नीतियाँ- रीतियाँ राष्ट्रीय कही जा सकती हैं।

जब-जब भारत में फूट पड़ी, तब-तब विदेशियों ने शासन किया। चाहे जातिगत भेदभाव हो या भाषागत- तीसरा व्यक्ति उससे लाभ उठाने का अवश्य यत्न करेगा। आज देश में अनेक प्रकार के आंदोलन चल रहे हैं। कहीं भाषा को लेकर संघर्ष हो रहा है तो कहीं धर्म या क्षेत्र के नाम पर लोगों को निकाला जा रहा है जिसका परिणाम हमारे सामने है। आदमी अपने अहं में सिमटता जा रहा है। फलस्वरूप राष्ट्रीय बोध का अभाव परिलक्षित हो रहा है। यदि हमारे राजनेता अपने स्वार्थ के लिए संस्कृति के इस मूल सन्देश को भूलकर देश की जनता को गलत दिशा देंगे, तब-तब देश के अंदर अस्थिरता, फूट, अंतर्विरोध, गृह-युद्ध जैसे हालात जन्म लेंगे और इसका फायदा अन्य बाहरी देशों को होगा।

अतएव एक जागरूक नागरिक के रूप में हमें इस बात को गहराई से समझते हुए तुच्छ मतभेदों को त्यागकर अपने मत का सदुपयोग करना चाहिये , जिससे चुने गए हमारे प्रतिनिधि राष्ट्र के लिए निर्माणात्मक दिशा दे सकें। जाति, भाषा और धर्म से ऊपर उठकर और नेताओं के भाषणों से प्रभावित हुए बिना हमें विवेकपूर्वक देश के उत्थान में अपना सहयोग देना चाहिए।

व्यक्ति की दृष्टि कब संकुचित हो जाती है?

  • जब व्यक्ति राजनेताओं के भाषणों से प्रभावित होकर विवेकपूर्वक उनको वोट देता है।

  • जब राजनेता जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वायदे करते हैं।

  • जब व्यक्ति धर्म, जाति, कुल आदि को प्रमुख मानने लगता है।

  • जब व्यक्ति 'राष्ट्रीयता' को 'स्व' से ऊपर रखकर सोचता है।

Question 4:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

राष्ट्र केवल जमीन का टुकड़ा ही नहीं बल्कि हमारी  सांस्कृतिक विरासत होती है जो हमें अपने पूर्वजों से परंपरा के रूप में प्राप्त होती है। जिसमें हम बड़े होते हैं, शिक्षा पाते हैं और साँस लेते हैं-हमारा अपना राष्ट्र कहलाता है और उसकी पराधीनता व्यक्ति की परतंत्रता की पहली सीढी  होती है। ऐसे ही स्वतंत्र राष्ट्र की सीमाओं में जन्म लेने वाले व्यक्ति का धर्म, जाति, भाषा या संप्रदाय कुछ भी हो, आपस में स्नेह होना स्वाभाविक है। राष्ट्र के लिए जीना और काम करना, उसकी स्वतंत्रता तथा विकास के लिए काम करने की भावना राष्ट्रीयता कहलाती है।

जब व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति से धर्म, जाति, कुल आदि के आधार पर व्यवहार करता है तो उसकी दृष्टि संकुचित हो जाती है। राष्ट्रीयता की अनिवार्य शर्त है- देश को प्राथमिकता, भले ही हमें 'स्व' को मिटाना पड़े। महात्मा गाँधी, तिलक, सुभाषचन्द्र बोस आदि के कार्यों से पता चलता है कि राष्ट्रीयता की भावना के कारण उन्हें अनगिनत कष्ट उठाने पड़े, किंतु वे अपने निश्चय में अटल रहे। व्यक्ति को निजी अस्तित्व कायम रखने के लिए पारस्परिक सभी सीमाओं की बाधाओं को भुलाकर कार्य करना चाहिए तभी उसकी नीतियाँ- रीतियाँ राष्ट्रीय कही जा सकती हैं।

जब-जब भारत में फूट पड़ी, तब-तब विदेशियों ने शासन किया। चाहे जातिगत भेदभाव हो या भाषागत- तीसरा व्यक्ति उससे लाभ उठाने का अवश्य यत्न करेगा। आज देश में अनेक प्रकार के आंदोलन चल रहे हैं। कहीं भाषा को लेकर संघर्ष हो रहा है तो कहीं धर्म या क्षेत्र के नाम पर लोगों को निकाला जा रहा है जिसका परिणाम हमारे सामने है। आदमी अपने अहं में सिमटता जा रहा है। फलस्वरूप राष्ट्रीय बोध का अभाव परिलक्षित हो रहा है। यदि हमारे राजनेता अपने स्वार्थ के लिए संस्कृति के इस मूल सन्देश को भूलकर देश की जनता को गलत दिशा देंगे, तब-तब देश के अंदर अस्थिरता, फूट, अंतर्विरोध, गृह-युद्ध जैसे हालात जन्म लेंगे और इसका फायदा अन्य बाहरी देशों को होगा।

अतएव एक जागरूक नागरिक के रूप में हमें इस बात को गहराई से समझते हुए तुच्छ मतभेदों को त्यागकर अपने मत का सदुपयोग करना चाहिये , जिससे चुने गए हमारे प्रतिनिधि राष्ट्र के लिए निर्माणात्मक दिशा दे सकें। जाति, भाषा और धर्म से ऊपर उठकर और नेताओं के भाषणों से प्रभावित हुए बिना हमें विवेकपूर्वक देश के उत्थान में अपना सहयोग देना चाहिए।

एक जागरूक नागरिक के रूप में हमारा क्या कर्तव्य है?

  • धर्म, जाति, भाषा आदि के तुच्छ मतभेदों को भुलाकर एक सुयोग्य और कर्मठ व्यक्ति को मत दें।

  •  सभी राजनेता एक जैसे ही होते हैं इसलिए किसी को भी वोट नहीं दें।

  • हम अपनी जाति, संप्रदाय और बिरादरी के उत्थान का ध्यान रखते हुए मतदान करें।

  • हम नेताओं के भाषणों को बिलकुल भी नहीं सुनें और अपनी इच्छानुसार किसी भी नेता को वोट दें।

Question 5:

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

राष्ट्र केवल जमीन का टुकड़ा ही नहीं बल्कि हमारी  सांस्कृतिक विरासत होती है जो हमें अपने पूर्वजों से परंपरा के रूप में प्राप्त होती है। जिसमें हम बड़े होते हैं, शिक्षा पाते हैं और साँस लेते हैं-हमारा अपना राष्ट्र कहलाता है और उसकी पराधीनता व्यक्ति की परतंत्रता की पहली सीढी  होती है। ऐसे ही स्वतंत्र राष्ट्र की सीमाओं में जन्म लेने वाले व्यक्ति का धर्म, जाति, भाषा या संप्रदाय कुछ भी हो, आपस में स्नेह होना स्वाभाविक है। राष्ट्र के लिए जीना और काम करना, उसकी स्वतंत्रता तथा विकास के लिए काम करने की भावना राष्ट्रीयता कहलाती है।

जब व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति से धर्म, जाति, कुल आदि के आधार पर व्यवहार करता है तो उसकी दृष्टि संकुचित हो जाती है। राष्ट्रीयता की अनिवार्य शर्त है- देश को प्राथमिकता, भले ही हमें 'स्व' को मिटाना पड़े। महात्मा गाँधी, तिलक, सुभाषचन्द्र बोस आदि के कार्यों से पता चलता है कि राष्ट्रीयता की भावना के कारण उन्हें अनगिनत कष्ट उठाने पड़े, किंतु वे अपने निश्चय में अटल रहे। व्यक्ति को निजी अस्तित्व कायम रखने के लिए पारस्परिक सभी सीमाओं की बाधाओं को भुलाकर कार्य करना चाहिए तभी उसकी नीतियाँ- रीतियाँ राष्ट्रीय कही जा सकती हैं।

जब-जब भारत में फूट पड़ी, तब-तब विदेशियों ने शासन किया। चाहे जातिगत भेदभाव हो या भाषागत- तीसरा व्यक्ति उससे लाभ उठाने का अवश्य यत्न करेगा। आज देश में अनेक प्रकार के आंदोलन चल रहे हैं। कहीं भाषा को लेकर संघर्ष हो रहा है तो कहीं धर्म या क्षेत्र के नाम पर लोगों को निकाला जा रहा है जिसका परिणाम हमारे सामने है। आदमी अपने अहं में सिमटता जा रहा है। फलस्वरूप राष्ट्रीय बोध का अभाव परिलक्षित हो रहा है। यदि हमारे राजनेता अपने स्वार्थ के लिए संस्कृति के इस मूल सन्देश को भूलकर देश की जनता को गलत दिशा देंगे, तब-तब देश के अंदर अस्थिरता, फूट, अंतर्विरोध, गृह-युद्ध जैसे हालात जन्म लेंगे और इसका फायदा अन्य बाहरी देशों को होगा।

अतएव एक जागरूक नागरिक के रूप में हमें इस बात को गहराई से समझते हुए तुच्छ मतभेदों को त्यागकर अपने मत का सदुपयोग करना चाहिये , जिससे चुने गए हमारे प्रतिनिधि राष्ट्र के लिए निर्माणात्मक दिशा दे सकें। जाति, भाषा और धर्म से ऊपर उठकर और नेताओं के भाषणों से प्रभावित हुए बिना हमें विवेकपूर्वक देश के उत्थान में अपना सहयोग देना चाहिए।

देश में चलने वाले अनेक प्रकार के आन्दोलनों का क्या परिणाम होता है?

  • देश के अंदर स्थिरता पैदा होगी और आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ेगा।

  • आन्दोलनों से सरकार आंदोलनकारियों की बात सुन पाएगी।

  • आपसी घृणा और विद्वेष पैदा कर देने से राजनैतिक दलों को अपने वोट बैंक बढ़ाने में मदद मिलेगी।

  • लोगों को अधिकार प्राप्त होंगे और स्थानीय लोग उन आंदोलनकारियों को अपना नेता मानने लगेंगे।

Question 6:

In MS Word, if you press the Tab key within a table, the cursor moves you to the _______.

एमएस वर्ड में, यदि आप एक टेबल में टैब को प्रेस करते है तो कर्सर आपको ______ में ले जाता है। 

  • previous row

  • previous column 

  • next table 

  • next column 

Question 7:

Which of the following statements regarding Microsoft Word is incorrect?

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड से संबंधित निम्न में से कौन सा कथन गलत है? 

  • प्रत्येक डॉक्यूमेंट में एक ड्रॉप कैप होना ही चाहिए Every document must have a drop cap

  • एक डॉक्यूमेंट में विविध टेबल्स हो सकते हैं A document can contain multiple tables

  • एक डॉक्यूमेंट को एकाधिक पुनः नामित (Rename) किया जा सकता है। A document can be renamed multiple times

  • एक पैराग्राफ में केवल एक वाक्य हो सकता है A paragraph can contain only one sentence

Question 8:

Microsoft excel is also called _______.

माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल को _______भी कहा जाता है। 

  • Spreadsheet/ स्प्रेडशीट

  • Document / डोक्युमेंट 

  • Table / टेबल 

  • Label/ लेबल 

Question 9:

डोमेन नेम को IP एड्रेस में बदलने के लिए जिस तंत्र का उपयोग किया जाता है उसे _________ के रूप में जाना जाता है।

The mechanism used to convert domain names into IP addresses is known as _________.

  • FTP

  • HTTP

  • DNS

  • URL

Question 10:

What is the address of the second cell in an MS-Excel worksheet, considering cell numbering in a row-wise order ? 

रो वाइज आर्डर में सेल नंबरिंग पर विचार करते हुए, एमएस एक्सेल के वर्कशीट में दूसरे सेल का एड्रेस क्या है? 

  • A2 

  •  1B 

  • B1 

  • A1 

Scroll to Top
UPPSC Lower PCS Exam City Intimation 2026 Out: Check Your Exam Centre Details IBPS PO 2026 Admit Card Out: Download Call Letter & Check Exam Details SSC Exams: 2 Latest Updates Every Aspirant Must Know SBI Clerk Vacancy 2026: Big Recruitment Update for Aspirants! SSC Stenographer Exam Date 2026 Out: Check Exam Schedule & Important Details