उत्तर प्रदेश (UP) की योगी सरकार ने हाल ही में राज्य के विकास, गरीब बच्चों की शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रम विभाग और राजस्व मामलों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्य रूप से कामकाजी बच्चों को स्कूल भेजने, युवाओं को रोजगार देने और अदालतों में लंबित जमीन-जायदाद के मुकदमों को जल्द निपटाने पर जोर दिया |

Shramik Vidya Yojana: Working Children to Attend School
इस बैठक का सबसे बड़ा और सराहनीय फैसला ‘बाल श्रमिक विद्या योजना’ को लेकर रहा। पहले यह योजना राज्य के कुछ ही हिस्सों में लागू थी, लेकिन अब इसे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू कर दिया गया है।
- किन्हें मिलेगा लाभ: 8 से 18 साल के वे बच्चे जो किन्हीं कारणों से मजदूरी या काम करने को मजबूर हैं, उन्हें इस योजना के तहत स्कूलों से जोड़ा जाएगा।
- मकसद: सीएम योगी ने साफ कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण किसी भी मजदूर परिवार का बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इन बच्चों के स्कूल में दाखिले के साथ-साथ उन्हें सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
- कौशल विकास: निजी क्षेत्र की मदद से इन बच्चों के हुनर को निखारने के लिए विशेष कार्ययोजना भी बनाई जाएगी।
Modern Labor Bases to Be Built in Industrial Cities :
मजदूरों की सुविधा के लिए सरकार बड़े और औद्योगिक शहरों में ‘श्रमिक सुविधा केंद्र’ विकसित करने जा रही है।
- कानपुर के विष्णुपुरी में एक आधुनिक ‘औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान’ बनाया जा रहा है।
- बेनाझाबर में होस्टल योजना शुरू की जा रही है ताकि श्रमिकों के बच्चों को रहने और पढ़ने में दिक्कत न हो।
- इसका मुख्य उद्देश्य उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को ट्रेनिंग देकर तैयार करना है।
UP Government’s Mission 2026 : UP Youth Getting Jobs Abroad
उत्तर प्रदेश के युवाओं को सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशो में भी रोजगार के बड़े अवसर मिल रहे हैं।
- भर्ती एजेंसी का लाइसेंस: रोजगार मिशन को अब विदेश मंत्रालय से आधिकारिक भर्ती एजेंसी का लाइसेंस मिल चुका है। इसका मतलब है कि अब सरकार खुद युवाओं को सुरक्षित तरीके से विदेश भेजने में मदद करेगी।
- हजारों युवाओं का चयन: अलग-अलग रोजगार कार्यक्रमों के जरिए 27,555 युवाओं का चयन किया गया है, जिनमें से 2,300 युवाओं का चयन विशेष रूप से विदेश में नौकरियों के लिए हुआ है।
- विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग: युवाओं को जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य जैसे देशों में नौकरी दिलाने के लिए जापानी, जर्मन और अंग्रेजी भाषाओं की ट्रेनिंग देने के समझौते किए गए हैं।
- सेवामित्र ऐप: साल 2021 से चल रहे ‘सेवामित्र’ पोर्टल और ऐप के जरिए लोग घर बैठे प्लंबर, कारपेंटर जैसी घरेलू सेवाएं ले पा रहे हैं। इस पोर्टल पर अब तक 50,000 से ज्यादा कुशल कारीगर पंजीकृत हैं।
Officials Accountable for Delays as Revenue Cases Drop to 1 Million
जमीन-जायदाद, पैमाइश और बंटवारे के मामलों को लेकर अक्सर लोग अदालतों के चक्कर काटते रहते हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- जवाबदेही तय: सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जो अधिकारी बिना वजह मुकदमों को लटका कर रखेंगे, उनकी जिम्मेदारी तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मामलों का सही और समय पर निपटारा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- मामलों में भारी कमी: सरकार के प्रयासों से राजस्व अदालतों में लंबित मुकदमों की संख्या 22 लाख से घटकर अब केवल 10 लाख रह गई है।
District-Wise Performance Status
- भू-उपयोग परिवर्तन (धारा-80): इस मामले में बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, बागपत और कन्नौज ने बहुत अच्छा काम किया है। वहीं अमेठी, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ का प्रदर्शन कमजोर रहा।
- दाखिल खारिज (धारा-34): बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं ने तेजी से काम निपटाया है। जबकि गोरखपुर, संत कबीर नगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
- पैमाइश और कुर्ला बंटवारा: वाराणसी, एटा, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, जबकि प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, गोंडा और बलिया जैसे जिले इस काम में पीछे छूट गए हैं। सीएम ने इन सभी पिछड़े जिलों में सीनियर अधिकारियों को खुद मॉनिटरिंग करने के आदेश दिए हैं।
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