नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के सिद्धांतों को आगे बढ़ाते हुए, CBSE ने अब कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। इस नीति की सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी शर्त यह है कि छात्रों द्वारा चुनी जाने वाली इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाओं का भारतीय होना अनिवार्य होगा। यह ऐतिहासिक नियम आगामी 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के सीबीएसई स्कूलों में प्रभावी रूप से लागू होने जा रहा है।

इस बड़े फैसले का सीधा और सबसे ज्यादा असर उन अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों और छात्रों पर पड़ेगा, जो अब तक मुख्य विषयों के साथ केवल विदेशी भाषाओं (जैसे फ्रेंच, जर्मन या जापानी) पर निर्भर थे। नए नियमों के अनुसार, विदेशी भाषा को केवल तीसरी भाषा (R3) या फिर चौथी अतिरिक्त भाषा के रूप में ही चुना जा सकेगा, बशर्ते छात्र की शुरुआती दो भाषाएं पूरी तरह भारतीय हों। इस क्रांतिकारी कदम के कारण लाखों छात्रों को अपनी पढ़ाई के लिए एक नया भाषा संयोजन अपनाना होगा।
यह नीति न केवल भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को स्कूली स्तर पर बढ़ावा देगी, बल्कि छात्रों के समग्र विकास में भी मददगार साबित होगी। इस नए बदलाव को जमीनी स्तर पर तुरंत लागू करने के कारण स्कूलों के सामने नया सिलेबस तैयार करने, समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने और योग्य भाषा शिक्षकों की व्यवस्था करने जैसी कई व्यावहारिक चुनौतियाँ भी खड़ी हो गई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बोर्ड ने विशेष दिशा-निर्देश और रियायतें जारी की हैं।
CBSE 2026: Preparation Of Syllabus And Books
इस बड़े बदलाव को अचानक लागू करने के कारण सबसे बड़ी व्यावहारिक चुनौती स्टडी मटेरियल और किताबों की उपलब्धता को लेकर खड़ी हुई है। बोर्ड ने साफ किया है कि फिलहाल कक्षा 9वीं और 10वीं के स्तर के लिए तीसरी भाषा की नई किताबें तैयार नहीं हैं। इस समस्या को हल करने के लिए सीबीएसई ने एक अनोखा रास्ता निकाला है।
शुरुआती चरण में, कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों को तीसरी भाषा का बुनियादी ज्ञान देने के लिए कक्षा 6वीं की एनसीईआरटी (NCERT) किताबों से पढ़ाया जाएगा। इन विषयों को पढ़ाने के तरीकों और गाइडलाइंस को लेकर बोर्ड 15 जून तक विस्तृत निर्देश जारी करेगा। जिन क्षेत्रीय भाषाओं की एनसीईआरटी किताबें उपलब्ध नहीं होंगी, वहां संबंधित राज्य सरकार के संसाधनों और किताबों की मदद ली जाएगी। वर्तमान में सीबीएसई के पास 19 अनुसूचित भारतीय भाषाओं की सूची मौजूद है (जैसे हिंदी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, ओड़िया, असमिया, सिंधी, नेपाली, कश्मीरी, मणिपुरी, कोंकणी, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली, लेप्चा, लिंबू, भूटिया, मिजो आदि), जिनकी कक्षा 6वीं की किताबें तीसरी भाषा के स्तर के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
CBSE 2026 : Examinations and Evaluation
अक्सर देखा जाता है कि विषयों की संख्या बढ़ने से छात्रों पर पढ़ाई और परीक्षाओं का मानसिक दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। छात्रों को इसी तनाव से बचाने के लिए सीबीएसई ने परीक्षा और Evaluation प्रक्रिया को बेहद लचीला और राहत देने वाला बनाया है।
कक्षा 10वीं में तीसरी भाषा के लिए कोई मुख्य बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसका मूल्यांकन पूरी तरह से स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। यानी स्कूल अपने स्तर पर ही परीक्षाओं, टेस्ट या प्रोजेक्ट्स के माध्यम से छात्रों के प्रदर्शन को जांचेंगे। इस परीक्षा में छात्र ने जैसा भी प्रदर्शन किया होगा, उसका उल्लेख सीबीएसई द्वारा मिलने वाले अंतिम सर्टिफिकेट में किया जाएगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि तीसरी भाषा में प्रदर्शन के आधार पर किसी भी छात्र को 10वीं की मुख्य बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाएगा। इससे छात्रों पर अतिरिक्त अंकों का दबाव नहीं रहेगा और वे बिना तनाव के नई भाषा सीख सकेंगे।
CBSE 2026 : School Challenges & CBSE Relaxations
इस नीति को जमीनी स्तर पर लागू करने में स्कूलों के सामने सबसे बड़ी समस्या योग्य भाषा शिक्षकों की कमी के रूप में आ रही है। कई स्कूलों में क्षेत्रीय या विशिष्ट भारतीय भाषाओं को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है।
इस समस्या को देखते हुए सीबीएसई ने स्कूलों को नियमों में बड़ी ढील दी है:
- Assistance from Other Teachers: यदि किसी भाषा के लिए विशेष शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो स्कूल के उन दूसरे विषयों के शिक्षकों की मदद ली जा सकती है जो उस भाषा को जानने और बोलने में पूरी तरह Expert हों।
- Appointment of Retired Teachers: स्कूल अपनी जरूरत के अनुसार रिटायर्ड शिक्षकों को दोबारा नियुक्त कर सकते हैं।
- Resource Sharing: इसके तहत आस-पास के विभिन्न स्कूल आपस में तालमेल बिठाकर भाषा शिक्षकों और संसाधनों को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकते हैं। शिक्षकों की भारी कमी होने की स्थिति में फिलहाल स्कूलों को इस नियम से अस्थायी रूप से छूट भी दी जाएगी।
Some Important Links :
| Rajasthan CET 2026 : New Rules and Negative Marking Update | Click Here to Read |
| NFL Field Representative Recruitment 2026 | Click Here to Read |
| EMRS Tier 2 Answer Key 2026 Out | Click Here to Read |
| KVS/NVS Tier 2 Answer Key 2026 Out | Click Here to Read |
| HPSC PGT Computer Science Admit Card 2026 Out | Click Here to Read |
| UKSSSC Livestock Extension Officer Notification 2026 | Click Here to Read |



