उत्तर प्रदेश (UP) के पशुपालन विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। विभाग ने डॉक्टरों, पशुधन प्रसार अधिकारियों और वेटिनरी फार्मासिस्टों के हजारों पदों पर भर्ती के लिए राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेज दिया है। उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग में सरकारी नौकरी का इंतज़ार कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है।
लंबे समय के अंतराल के बाद, विभाग ने डॉक्टरों (पशु चिकित्साधिकारी), पशुधन प्रसार अधिकारी (LEO) और वैटिनरी फार्मासिस्ट के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग द्वारा इन पदों पर भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। विभाग में पदों की स्थिति वर्तमान में काफी चिंताजनक है, जहाँ लगभग 60% पद खाली पड़े हैं। मुख्य रिक्तियाँ इस प्रकार हैं:
| Designation | Total Sanctioned Posts | Vacant Posts | Filled Posts |
| Veterinary Medical Officer (Doctor) | 2,206 | 674 | 1,532 |
| Livestock Extension Officer (LEO) | 3,116 | 1,251 | 1,865 |
| Veterinary Pharmacist | 2,206 | 1,305 | 901 |
भारत सरकार के मानकों के अनुसार, प्रति 5000 पशुओं पर एक डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट होना चाहिए, जबकि यूपी में वर्तमान में 25,000 पशुओं पर एक डॉक्टर उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम के अनुसार, इन नई भर्तियों से विभाग के कामकाज में सुधार आएगा और पशु चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुचारू रूप से जनता तक पहुँचाया जा सकेगा।
Place on Recruitments :
इन पदों पर पिछले कई वर्षों से नियमित भर्तियां नहीं हुई हैं, जिससे बेरोजगारी के साथ-साथ पशु चिकित्सा सेवाओं में भी गिरावट आई थी। पशु चिकित्साधिकारी के पदों पर 2020 के बाद से कोई नई भर्ती नहीं हुई है। हालांकि पिछले साल विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन आरक्षण विवाद के कारण मामला कोर्ट में चला गया और भर्तियां अधर में लटक गईं।
वहीं, पशुधन प्रसार अधिकारी (LEO) के पदों पर आखिरी भर्ती 2013 में हुई थी, यानी पिछले 11-12 वर्षों से इस पद पर कोई भर्ती नहीं हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात वेटिनरी फार्मासिस्ट के पदों को लेकर है। पहले इन पदों को ‘कंपाउंडर’ कहा जाता था, लेकिन अब इनका पदनाम बदल दिया गया है। इस पद पर आखिरी बार साल 2005 में भर्तियां हुई थीं, जिसके बाद से यह पद लगातार खाली होते जा रहे हैं।
Lack of Standards and Its Impact on Animal Husbandry :
भारत सरकार के निर्धारित मानकों के अनुसार, पशुओं की बेहतर देखभाल के लिए प्रति 5000 पशुओं पर एक डॉक्टर और एक वेटिनरी फार्मासिस्ट होना आवश्यक है। लेकिन उत्तर प्रदेश की वर्तमान स्थिति इस मानक से काफी दूर है। आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में वर्तमान में 25 हजार पशुओं पर केवल एक डॉक्टर उपलब्ध है और 60 हजार पशुओं पर मात्र एक वेटिनरी फार्मासिस्ट है।
पदों के खाली होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। समय पर इलाज न मिलने से दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। रिक्त पदों के भरने से यह उम्मीद की जा रही है कि पशु चिकित्सा सेवाएं सुदृढ़ होंगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पशुपालकों तक पहुंच सकेगा।
Recruitment Process and Upcoming Steps :
| Position / Designation | Vacant Posts | Recruiting Agency / Commission |
| Veterinary Medical Officer (Doctor) | 674 | UPPSC (Uttar Pradesh Public Service Commission)
|
| Livestock Extension Officer (LEO) | 1,251 | |
| Veterinary Pharmacist | 1,305 |
Some Important Links :
| RRB NTPC UG Admit Card 2026 Out | Click Here to Read |
| Punjab and Sind Bank LBO Exam Date 2026 Out | Click Here to Read |
| Delhi Police Driver Result 2026 Out | Click Here to Read |
| DSSSB Various Posts Result 2026 Declared | Click Here to Read |
| BPSSC Home Guard Havildar Exam Date 2026 Out | Click Here to Read |
| SSC GD Admit Card 2026 Out | Click Here to Read |
| SSC JHT Notification 2026 Out | Click Here to Read |
