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UP NEET PG Councelling: 1200 Seats Are Still Vacant

NEET PG काउंसलिंग 2025 से जुड़ी  एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आयी है। उत्तर प्रदेश में NEET PG काउंसिलिंग के दो राउंड पूरे हो चूके हैं, लेकिन इसके बाद भी लगभग 1200 सीट अभी भी खाली पड़ी हुई है। यह स्थिति केवल मेडिकल शिक्षा प्रणाली के लिए ही चिंता का विषय नहीं है, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए भी सोचने का विषय है जो प्रवेश का काफी समय से इंतजार कर रहे हैं।  2025 की वर्तमान स्थिति के अनुसार, UP NEET PG काउंसिलिंग के अंतर्गत राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी ( MD) और एमएस (MS) की सीटों पर दाखिला दिया जाता है। 

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नीट पीजी की काउंसलिंग में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमडी- एमएस की 2180 और निजी मेडिकल कॉलेजों में 2765 सीटों पर प्रवेश होना था। लेकिन दो राउंड की काउंसलिंग के बाद इनमें से निजी मेडिकल कॉलेजों की लगभग 1200 सीट अभी भी खाली है,जो कि एक काफी बड़ी संख्या है। 

Why Consider Lowering The Cutoff ?

 चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के एक अधिकारी के अनुसार खाली सीटों की अधिक संख्या के कारण मेडिकल काउंसलिंग कमेटी कट ऑफ कम करने पर विचार कर रही है। काउंसलिंग कमेटी ने ऑल इंडिया कोटे की सीटों को भरने के लिए तीसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू नहीं की है। इसके चलते यूपी नीट पीजी का तीसरे  चरण की काउंसिलिंग को भी स्थगित कर दिया गया है, जबकि 2 जनवरी से तीसरे चरण की काउंसिलिंग के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया गए थे।  12 जनवरी को आवंटित सीटों का परिणाम घोषित होना था। 

Previous Years Cutoff :

पिछले वर्षों में कट ऑफ का स्तर काफी कम था, जिससे हजारों छात्रों को प्रवेश का मौका मिला था। 

              Year          Percentile
2022 -202350 से घटाकर 35 
    202350 से घटाकर शून्य।
    202415 से घटाकर पांच

 What About The Third Round Of Counseling?

तीसरे राउंड की काउंसिल को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। कारण वही है; खाली सीटों की संख्या का बहुत ज्यादा मात्रा में होना, और अब ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की बची सीटों को भरने पर ध्यान दिया जा रहा है। जब (AIQ)की सीटें भर जाएंगी तब राज्य काउंसलिंग पर दोबारा विचार होगा। 

Why Were So Many Seats Left Vacant ?

सीटें खाली रह जाने के पीछे विशेषज्ञों के द्वारा बहुत से कारण बताए जा रहे हैं,जैसे; 

  • कट ऑफ का अधिक होना भी इसी का कारण है क्योंकि इसकी वजह से छात्र काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सके |
  • निजी मेडिकल कॉलेजों की अधिक फीस भी कई छात्रों के लिये बाधा का कारण बनी है। 
  • ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के बाद राज्य काउंसलिंग के छात्रों की संख्या का कम होना।

Does News Matter To  Students ?

हाँ, वास्तविकता से यह खबर छात्रों के लिए मायने रखती है क्योंकि इस स्थिति को छात्रों के लिए राहत की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। यदि कट ऑफ कम किया जाता है तो;-

  •  तो जो छात्र पहले बाहर हो चुकें हैं उन छात्रों को नया अवसर मिल सकता है।
  • और तीसरे राउंड में काउंसलिंग की संभावना भी बढ़ेगी।
  • और ज्यादा से ज्यादा छात्रों को पीजी कोर्स में प्रवेश मिल सकेगा। 

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