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Rajasthan 4th Grade Result : Normalization Impact

राजस्थान  (Rajasthan) राज्य  में आयोजित चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा 2025 का परिणाम सामने आते ही Candidates के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खासकर Normalization प्रक्रिया के बाद Cut -Off में आए भारी बदलाव ने सभी को चौंका दिया है। इस भर्ती में जहां एक ओर पदों की संख्या बहुत अधिक थी, वहीं दूसरी ओर Cut- off में असामान्य गिरावट देखने को मिली। विशेष रूप से आरक्षित वर्गों (SC, ST, OBC) की कटऑफ में 21 से 43 अंकों तक की कमी दर्ज की गई, जो अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है।

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Rajasthan 4th Grade Recruitment 2025 :

चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2025 के अंतर्गत कुल 53,750 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चलाई गई। इनमें टीएसपी( TSP-Tribal Sub Plan) क्षेत्र के लगभग 5,550 पद शामिल थे। इस परीक्षा में करीब 21 लाख से अधिक Candidates ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और पदों के बावजूद कटऑफ का अचानक नीचे गिरना कई अभ्यर्थियों के लिए हैरानी का कारण बन गया।

What is normalization and why is it done?

जब परीक्षा एक से अधिक शिफ्टों में आयोजित की जाती है, तो हर शिफ्ट का पेपर स्तर (Difficulty Level) अलग-अलग हो सकता है। ऐसे में किसी एक शिफ्ट के Candidats के साथ अन्याय न हो, इसके लिए Normalization प्रक्रिया अपनाई जाती है। इस प्रक्रिया में:
कठिन पेपर वालों के अंक बढ़ाए जाते हैं और आसान पेपर वालों के अंक घटाए जाते हैं | उद्देश्य यह होता है कि सभी अभ्यर्थियों का मूल्यांकन एक समान स्तर पर हो सके।

Rajasthan 4th Grade Normalization: Concerns and Issues

चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2025 में नॉर्मलाइजेशन के बाद जो परिणाम सामने आए, वे सामान्य प्रक्रिया से काफी अलग नजर आए। कई अभ्यर्थियों के 1 से 8 अंक तक बढ़ गए , वहीं कई के 1 से 8 अंक तक घट भी गए | इसका सीधा असर मेरिट रैंक और कटऑफ पर पड़ा।

Analysis of cutoff scores in the (TSP) area:

 टीएसपी क्षेत्र में कटऑफ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
1. सामान्य वर्ग (General Category) : नॉर्मलाइजेशन के बाद सामान्य वर्ग की कटऑफ अपेक्षाकृत स्थिर रही | लेकिन फिर भी कुछ शिफ्टों में अंक घटने-बढ़ने से मेरिट में बड़ा बदलाव देखा गया

2. ओबीसी (OBC) वर्ग : ओबीसी वर्ग की कटऑफ में लगभग 11 अंक तक की कमी दर्ज की गई | इससे कई ऐसे अभ्यर्थी मेरिट में आ गए, जो पहले कटऑफ से नीचे थे |

3. एससी (SC) वर्ग : एससी वर्ग में कटऑफ में 21 अंक से ज्यादा की गिरावट देखी गई | यह गिरावट सामान्य स्थितियों में बहुत कम देखने को मिलती है |

4. एसटी (ST) वर्ग : सबसे बड़ा झटका एसटी वर्ग को लगा | कुछ श्रेणियों में 43 अंक तक कटऑफ कम हो गई | यहां तक कि विधवा और परित्यक्ता श्रेणी में कटऑफ बेहद न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई|

Status of widow and abandoned women category:

इस भर्ती में विधवा और परित्यक्ता महिला अभ्यर्थियों की कटऑफ ने सभी को चौंका दिया। कुछ मामलों में कटऑफ शून्य के आसपास पहुंच गई | इसका कारण यह माना जा रहा है कि इन श्रेणियों में योग्य Candidates की संख्या कम रही |

Significant changes in merit rank: नॉर्मलाइजेशन के बाद, कई अभ्यर्थियों की मेरिट रैंक सैकड़ों स्थान ऊपर या नीचे चली गई | उदाहरण के तौर पर, जिन अभ्यर्थियों के अंक बढ़े, वे सीधे टॉप रैंक के करीब पहुंच गए | वहीं जिनके अंक घटे, वे चयन की दौड़ से बाहर हो गए |यही वजह है कि सोशल मीडिया और अभ्यर्थी समूहों में इस प्रक्रिया को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है।

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