UP Police Constable (09 June 2024)

Question 1:

"सुनि केवट के बैन, प्रेम लपेटे अटपटे । बिहसे करुनाऐन चितइ जानकी लखन तन।।” में कौन-सा छन्द है? 

  • उल्लाला 

  • सोरठा

  • छप्पय

  • गीतिका 

Question 2:

इनमें से कौन-सा अर्थालंकार का भेद नहीं है ? 

  • यमक

  • उपमा 

  • रूपक 

  • अतिशयोक्ति

Question 3:

इन वाक्यों को सही क्रम में लगाएँ ।

(A) रावण तो सिर्फ रावण है। 

(B) 'रावण' ...... दुनिया में इस नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं हैं। 

(C) राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को दशानन भी कहते हैं। 

(D) राम तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन रावण नहीं

  • (B), (D), (A), (C) 

  • (B), (A), (D), (C) 

  • (A), (B), (D), (C)

  • (B), (C), (A), (D)

Question 4:

'कहानी नई कहानी' किसकी प्रसिद्ध कृति है ? 

  • डॉ. रघुवंश 

  • नामवर सिंह 

  • बच्चन सिंह 

  • मधुरेश 

Question 5:

"आपका सेवानिवृत्त जीवन आनन्दमय हो ।" यह किस प्रकार का वाक्य है ? 

  • इच्छावाचक वाक्य 

  • विधानवाचक वाक्य 

  • संकेतवाचक वाक्य 

  • निषेधवाचक वाक्य 

Question 6:

सियार का गुण-स्वभाव .......... और …....... है । 

रिक्त स्थानों के लिए उचित विकल्प चुनिए । 

  • गंदा, वीभत्स 

  • सुस्त, मूर्ख 

  • धूर्तता, चालाकी 

  • सफेद, चालाक 

Question 7:

 

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा सम्पादित पत्रिका इनमें से एक नहीं है, पहचानिए ।

  • हरिश्चन्द्र मैगजीन

  • आनन्द कादिम्बिनी 

  • कविवचन सुधा 

  • बालाबोधिनी 

Question 8:

निर्देश दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
 भाषा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों और विचारों को अभिव्यक्त करता है और समाज, समूहों या व्यक्ति तक संप्रेषित करता है। वस्तुतः भाषा ही सम्प्रेषण का प्रमुख माध्यम है। मनुष्य अपने समाज और परिवेश से भाषा का अर्जन करता है, परन्तु भाषा भी समाज के विकास के साथ विकसित और परिवर्तित होती है, भाषा की गतिशीलता का सम्बन्ध हमारे सामाजिक व्यवहार से जुड़ा होता है। इसलिए एक ओर भाषा का एक रूप स्थिर रहता है, तो दूसरा रूप परिवर्तित होता रहता है। भाषा का जो रूप परिवर्तित नहीं होता, उसके शब्दों को व्याकरण की भाषा में अविकारी कहा जाता है। ऐसे शब्दों में कोई विकार नहीं होता, इसलिए वे अविकारी शब्द है; जैसे- लिंग, वचन, कारक आदि के फलस्वरूप जिन शब्दों में परिवर्तन होता है, उन्हें विकारी शब्द कहा जाता है । क्रिया-विशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चय-बोधक और विस्मयादिबोधक अविकारी शब्द हैं तथा संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण विकारी शब्द हैं। भाषा के कौशल के लिए इन सभी का महत्त्व है।

सम्प्रेषण का प्रमुख माध्यम है- 

  • समाज 

  • भाषा 

  • विचार

  • भाव 

Question 9:

निर्देश दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
 भाषा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों और विचारों को अभिव्यक्त करता है और समाज, समूहों या व्यक्ति तक संप्रेषित करता है। वस्तुतः भाषा ही सम्प्रेषण का प्रमुख माध्यम है। मनुष्य अपने समाज और परिवेश से भाषा का अर्जन करता है, परन्तु भाषा भी समाज के विकास के साथ विकसित और परिवर्तित होती है, भाषा की गतिशीलता का सम्बन्ध हमारे सामाजिक व्यवहार से जुड़ा होता है। इसलिए एक ओर भाषा का एक रूप स्थिर रहता है, तो दूसरा रूप परिवर्तित होता रहता है। भाषा का जो रूप परिवर्तित नहीं होता, उसके शब्दों को व्याकरण की भाषा में अविकारी कहा जाता है। ऐसे शब्दों में कोई विकार नहीं होता, इसलिए वे अविकारी शब्द है; जैसे- लिंग, वचन, कारक आदि के फलस्वरूप जिन शब्दों में परिवर्तन होता है, उन्हें विकारी शब्द कहा जाता है । क्रिया-विशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चय-बोधक और विस्मयादिबोधक अविकारी शब्द हैं तथा संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण विकारी शब्द हैं। भाषा के कौशल के लिए इन सभी का महत्त्व है।

मनुष्य भाषा का अर्जन किससे करता है? 

  • पुस्तकों से 

  •  अपने समाज एवं परिवेश से 

  • अपनी अनुभूतियों से 

  • अपने विद्यालय से 

Question 10:

निर्देश दिए गए गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
 भाषा ही वह माध्यम है जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों और विचारों को अभिव्यक्त करता है और समाज, समूहों या व्यक्ति तक संप्रेषित करता है। वस्तुतः भाषा ही सम्प्रेषण का प्रमुख माध्यम है। मनुष्य अपने समाज और परिवेश से भाषा का अर्जन करता है, परन्तु भाषा भी समाज के विकास के साथ विकसित और परिवर्तित होती है, भाषा की गतिशीलता का सम्बन्ध हमारे सामाजिक व्यवहार से जुड़ा होता है। इसलिए एक ओर भाषा का एक रूप स्थिर रहता है, तो दूसरा रूप परिवर्तित होता रहता है। भाषा का जो रूप परिवर्तित नहीं होता, उसके शब्दों को व्याकरण की भाषा में अविकारी कहा जाता है। ऐसे शब्दों में कोई विकार नहीं होता, इसलिए वे अविकारी शब्द है; जैसे- लिंग, वचन, कारक आदि के फलस्वरूप जिन शब्दों में परिवर्तन होता है, उन्हें विकारी शब्द कहा जाता है । क्रिया-विशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चय-बोधक और विस्मयादिबोधक अविकारी शब्द हैं तथा संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया और विशेषण विकारी शब्द हैं। भाषा के कौशल के लिए इन सभी का महत्त्व है।

भाषा की गतिशीलता का सम्बन्ध किससे है? 

  • औद्योगिक विकास से

  • सामाजिक व्यवहार से 

  • भाषा के व्याकरण से 

  • जलवायु परिवर्तन से 

Scroll to Top
Happy Holi! Special Wishes from RWA IBPS Clerk Final Result Declared – Check Your Status Names of 3 Rajasthan Cities Changed – Check the New Names UPPCL AE 600 Vacancies Expected – Big Opportunity for Engineers Warning! WhatsApp Could Be Disabled on 1 March for Some Users