DSSSB MTS (23 June 2024)

Question 1:

निर्देश दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों  के उत्तर दिजिए।

पूँजीवाद समाज में लेखक, पुस्तक और पाठक के बीच बाजार आ गया है। इस बाजार के कारण लेखक का पाठक से सीधा संबंध नहीं रह पाता। इसलिए मार्क्स ने कहा है कि पूँजीवादी समाज में कला, साहित्य या लेखक के लिए एलियनेशन की समस्या सबसे बड़ी है। पुराने समाज में कला व कलाकार अपने समाज से पूरी तरह जुड़े थे। कला की रचना और सुरक्षा दोनों का दायित्व समाज का था। बाद में कला दरबार में आयी, कला और कलाकार का क्षेत्र संकुचित हुआ । कह सकते हैं कि इसमें उसका अजनबीपन या एलियनेशन और बढ़ा।

पूँजीवादी समाज में लेखक और पाठक के बीच क्या आ गया है?

  • बाजार

  • दरबार

  • समाचार

  • प्रचार

Question 2:

निर्देश दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दिजिए। 
पूँजीवाद समाज में लेखक, पुस्तक और पाठक के बीच बाजार आ गया है। इस बाजार के कारण लेखक का पाठक से सीधा संबंध नहीं रह पाता। इसलिए मार्क्स ने कहा है कि पूँजीवादी समाज में कला, साहित्य या लेखक के लिए एलियनेशन की समस्या सबसे बड़ी है। पुराने समाज में कला व कलाकार अपने समाज से पूरी तरह जुड़े थे। कला की रचना और सुरक्षा दोनों का दायित्व समाज का था। बाद में कला दरबार में आयी, कला और कलाकार का क्षेत्र संकुचित हुआ । कह सकते हैं कि इसमें उसका अजनबीपन या एलियनेशन और बढ़ा।

पुराने समाज में कला की सुरक्षा का दायित्व किसका था?

  • कलाकार का

  • शासक का

  • समाज का

  • बाजार का

Question 3:

निर्देश दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दिजिए। 
पूँजीवाद समाज में लेखक, पुस्तक और पाठक के बीच बाजार आ गया है। इस बाजार के कारण लेखक का पाठक से सीधा संबंध नहीं रह पाता। इसलिए मार्क्स ने कहा है कि पूँजीवादी समाज में कला, साहित्य या लेखक के लिए एलियनेशन की समस्या सबसे बड़ी है। पुराने समाज में कला व कलाकार अपने समाज से पूरी तरह जुड़े थे। कला की रचना और सुरक्षा दोनों का दायित्व समाज का था। बाद में कला दरबार में आयी, कला और कलाकार का क्षेत्र संकुचित हुआ । कह सकते हैं कि इसमें उसका अजनबीपन या एलियनेशन और बढ़ा।

कला क्षेत्र का संकुचन का आशय है-

  • कला का दायरा बढ़ना

  • कला का लोकप्रिय होना

  • कला का उन्नयन

  • कला का दायरा सीमित होना

Question 4:

निर्देश दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों  के उत्तर दिजिए। 
पूँजीवाद समाज में लेखक, पुस्तक और पाठक के बीच बाजार आ गया है। इस बाजार के कारण लेखक का पाठक से सीधा संबंध नहीं रह पाता। इसलिए मार्क्स ने कहा है कि पूँजीवादी समाज में कला, साहित्य या लेखक के लिए एलियनेशन की समस्या सबसे बड़ी है। पुराने समाज में कला व कलाकार अपने समाज से पूरी तरह जुड़े थे। कला की रचना और सुरक्षा दोनों का दायित्व समाज का था। बाद में कला दरबार में आयी, कला और कलाकार का क्षेत्र संकुचित हुआ । कह सकते हैं कि इसमें उसका अजनबीपन या एलियनेशन और बढ़ा।

'अजनबीपन' का आशय है-

  • एकाकीपन

  • सामुदायिकता

  • लोकप्रियता

  • अपनापन

Question 5:

निर्देश दिये गए निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दिजिए। 
पूँजीवाद समाज में लेखक, पुस्तक और पाठक के बीच बाजार आ गया है। इस बाजार के कारण लेखक का पाठक से सीधा संबंध नहीं रह पाता। इसलिए मार्क्स ने कहा है कि पूँजीवादी समाज में कला, साहित्य या लेखक के लिए एलियनेशन की समस्या सबसे बड़ी है। पुराने समाज में कला व कलाकार अपने समाज से पूरी तरह जुड़े थे। कला की रचना और सुरक्षा दोनों का दायित्व समाज का था। बाद में कला दरबार में आयी, कला और कलाकार का क्षेत्र संकुचित हुआ । कह सकते हैं कि इसमें उसका अजनबीपन या एलियनेशन और बढ़ा।

गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है-

  • कला में पूँजीवाद

  • पूँजीवाद समाज में कला

  • दरबारी साहित्य

  • कला और कलाकार  

Question 6:

इनमें से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं है?

  • उर्दू

  • तमिल

  • छत्तीसगढ़ी

  •  नेपाली

Question 7:

'माटी की मूरतें' किस लेखक की रचना है ?

  • जगदीशचंद्र

  • रामवृक्ष बेनीपुरी

  • रामचंद्र शुक्ल

  • राकेश वर्मा

Question 8:

पराधीन' में कौन-सा उपसर्ग है?

  • प्रा

  •  परा

  • इनमें से कोई नहीं

  • पर

Question 9:

'आधुनिक' का विलोम है

  •  समसामयिक

  • समीचीन

  • प्राचीन

  • अर्वाचीन

Question 10:

'हिरण' शब्द का पर्यायवाची शब्द है-

  • सारंग

  • शार्दूल

  • धूसर

  •  तुरंग

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