भारत जैसे विशाल और विविधताओं से भरे देश में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। आतंकवाद (Terrorism), नक्सलवाद (racism), संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था की समस्याओं से निपटने में हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद अहम होती है। गणतंत्र दिवस (Republic Day) जैसे राष्ट्रीय अवसर पर जब इन जांबाज जवानों और अधिकारियों को उनकी बहादुरी, सेवा और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाता है, तो यह न केवल उनका मनोबल बढ़ाता है बल्कि पूरे समाज को सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और विश्वास से भर देता है।

हाल ही में केंद्र और प्रदेश स्तर पर ऐसे ही सम्मान समारोह आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों पुलिसकर्मियों को वीरता पदक, राष्ट्रपति पुलिस पदक, मेधावी सेवा पदक, डीजीपी प्रशंसा चिन्ह और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मान प्रदान किया गया। इन दोनों समाचारों में देश और प्रदेश के पुलिसकर्मियों की निस्वार्थ सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सशक्त तस्वीर सामने आती है।
Bravery Honored: Soldiers Against Terror & Naxalism
गणतंत्र दिवस (Republic Day) के अवसर पर पुलिस, अर्धसैनिक बलों, अग्निशमन, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और सुधार सेवाओं से जुड़े कुल 982 अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों को दिया गया जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा, नागरिकों की रक्षा और अपराधियों के खिलाफ साहसिक कार्रवाई की।
The Importance of the Bravery Medal:
वीरता पदक उन पुलिसकर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने:
- आतंकवाद या नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में असाधारण साहस दिखाया |
- अपराधियों को पकड़ने या बड़े हमले को रोकने में अपनी जान जोखिम में डाली |
- नागरिकों के जान-माल की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया |
इस बार कुल 125 वीरता पदक प्रदान किए गए, जो यह दर्शाता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तैनात जवान कितनी कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
Contribution of Jammu and Kashmir and Naxal-Affected Areas:
सबसे अधिक 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर के ऑपरेशनल क्षेत्रों में तैनात जवानों को दिए गए। इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 पुलिसकर्मियों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कार्यरत जवानों को भी यह सम्मान मिला। यह आंकड़े बताते हैं कि आतंकवाद और नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में पुलिसकर्मी किस स्तर पर खतरे का सामना करते हैं और फिर भी पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्य का पालन करते हैं।
Honours Awarded to Various Forces :
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में सीआरपीएफ को 12 वीरता पदक मिले |
- राज्य पुलिस बलों में जम्मू-कश्मीर पुलिस को सर्वाधिक 33 वीरता पदक मिले |
- इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 पदक प्रदान किए गए |
इसके अलावा:
- 101 अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) किए गए |
- 756 कर्मियों को मेधावी सेवा पदक प्रदान किए गए |
ये सम्मान लंबे समय तक उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए दिए जाते हैं।
715 Police Personnel Honoured with DGP Medals :
देश के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर भी पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेश के 715 पुलिसकर्मियों को डीजीपी (Director General of Police) द्वारा सेवा अभिलेख, शौर्य और उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर सम्मान और प्रशंसा चिन्ह प्रदान किए गए।
The purpose of the DGP Award:
डीजीपी सम्मान का मुख्य उद्देश्य है:
- पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करना |
- ईमानदारी, साहस और अनुशासन को बढ़ावा देना |
- विभाग के भीतर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा भावना विकसित करना |
Platinum and Other Prestigious Accolades :
इस अवसर पर:
- 11 पुलिसकर्मियों को डीजीपी का प्लेटिनम प्रशंसा चिन्ह प्रदान किया गया |
- 43 पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह मिला |
- 68 पुलिसकर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए प्रशंसा चिन्ह प्रदान किया गया |
- सैकड़ों पुलिसकर्मियों को सेवा अभिलेख के आधार पर सम्मानित किया गया |
इनमें आईपीएस अधिकारी, निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कांस्टेबल और अन्य रैंक के कर्मचारी शामिल थे।
Honouring Fire Service and Civil Defence Personnel :
सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि फायर सर्विस, होम गार्ड और सिविल डिफेंस के कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। आगजनी, आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों में इन कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। चार फायर सर्विस कर्मियों को राष्ट्रपति पदक दिया गया, जिन्होंने:
- आग लगने की घटनाओं में कई लोगों की जान बचाई |
- जोखिम भरे हालात में बहादुरी से राहत और बचाव कार्य किए |
यह दिखाता है कि सुरक्षा केवल अपराध से नहीं, बल्कि आपदाओं से भी जुड़ी होती है।
Police Personnel Honoured by Chief Minister :
प्रदेश में 35 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री द्वारा वीरता पदक और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें:
- कुछ को वीरता के लिए दिया गया |
- कुछ को उत्कृष्ट और सराहनीय सेवा के लिए दिया गया |
- और कुछ को प्रशंसा पत्र के साथ नकद पुरस्कार भी दिए गए |
मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होना पुलिसकर्मियों के लिए गर्व की बात होती है, क्योंकि इससे उनकी मेहनत को सीधे शासन स्तर पर मान्यता मिलती है।
The selection was based on Merit:
डीजीपी सम्मान और मुख्यमंत्री द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान पूरी तरह योग्यता और कार्य प्रदर्शन के आधार पर तय किया गया। चयन प्रक्रिया में पुलिसकर्मियों के सेवा अभिलेख, साहसिक कार्य, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान और जनता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग में मेहनत और ईमानदारी को सही पहचान मिल रही है।
Field Service Receives Special Recognition:
सम्मान पाने वाले कई पुलिसकर्मी ऐसे हैं, जिन्होंने मैदानी स्तर पर कठिन परिस्थितियों में काम किया। अपराध नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई जैसे कार्यों को विशेष रूप से सराहा गया। यह पुलिस बल के जमीनी प्रयासों की अहमियत को दर्शाता है।
Enhanced Morale Among Police Personnel :
इस तरह के सम्मान समारोह से पुलिसकर्मियों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है। जब सरकार और वरिष्ठ अधिकारी खुले मंच से सराहना करते हैं, तो अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। यह प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
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