बिहार (Bihar) में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को उनके घर के पास ही बेहतर और उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ज्ञान भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इस निर्णय से राज्य के लाखों युवाओं को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

Bihar Higher Education Revolution : Key Highlights
| Parameter | Details |
| Main Announcement | Opening of 400+ new degree colleges in the state |
| New Teacher Posts Created | 9,000 new teacher posts created |
| Teacher Recruitment Deadline | Teacher availability in colleges by August 10 |
| TRE-4 Recruitment | Recruitment of around 32,000 teachers underway |
| New Universities | Literary University in Begusarai (after Dinkar) & AI/Computer Science University in Bhagalpur (after Dr. Shyama Prasad Mukherjee) |
| Land for Vikramshila | 220 acres of land made available for ancient Vikramshila University restoration in Bhagalpur |
| Special Residential Schools | Mata Savitribai Phule residential schools & hostels for SC girls in all districts |
Introduction and Major Announcement
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की, कि बिहार के विद्यार्थियों को घर पर ही बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 400 से अधिक और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10 अगस्त तक इन सभी डिग्री महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरी तरह दूर कर लिया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए शिक्षकों के 9 हजार नए पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा, टीआरई-4 (TRE-4) के तहत लगभग 32 हजार शिक्षकों की भर्ती का काम भी चल रहा है।
यह घोषणा उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जयंती समारोह के दौरान ज्ञान भवन में की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास जी के सामाजिक भाईचारे, सेवा और इंसानियत के संदेशों को बिहार के हर गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समाज में बराबरी और शांति बनी रहे।
Call to Adopt Schools and Colleges
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के मठों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों से अपील की कि वे कम से कम एक स्कूल और एक कॉलेज को गोद लें। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई संस्था या परिवार संत रविदास जी के गांव की मिट्टी अपने स्थान पर लाना चाहता है, तो सरकार उसे वहां तक पहुंचाने में पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समाज को किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रखा जा सकता; हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई—सभी समुदायों को साथ लेकर ही आगे बढ़ा जाएगा।
इस अवसर पर मंत्री मिथिलेश तिवारी, डॉ. प्रमोद कुमार, लखेंद्र कुमार रौशन, नंदकिशोर राम, रामकृपाल यादव, डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, अरुण शंकर प्रसाद, केदार प्रसाद गुप्ता और संजय टाइगर सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
Educational Initiatives for Girls and Minority Welfare
बिहार सरकार अनुसूचित जाति (SC) की बेटियों की पढ़ाई-लिखाई को आसान बनाने के लिए एक नया कदम उठा रही है। इसके तहत राज्य के हर जिले में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर हॉस्टल सुविधा वाले स्कूल (आवासीय विद्यालय) खोले जाएंगे, ताकि बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर जाने में दिक्कत न हो।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य में संस्कृत और उर्दू शिक्षा पर भी बराबर ध्यान देगी। जिस तरह मदरसों पर ध्यान दिया जाता है, उसी तरह संस्कृत शिक्षा की भी पूरी चिंता की जाएगी। साथ ही, किशनगंज में उर्दू स्कूल खोलने के लिए सरकार तेजी से काम करेगी।
New Universities and Historical Restorations
राज्य में उच्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए विश्वविद्यालय बनाने और पुरानी धरोहरों को फिर से संवारने की योजना बनाई गई है:
- Begusarai : राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर साहित्य के क्षेत्र में एक नया विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।
- Bhagalpur: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर एआई (AI) और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय खोलने का फैसला लिया गया है, जो नई तकनीक के क्षेत्र में काम करेगा।
- Vikramshila University: भागलपुर में प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को फिर से स्थापित करने के लिए सरकार ने करीब 220 एकड़ जमीन दे दी है|
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Reforms in Government Schooling System
सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा विचार सामने रखा है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक-दो सालों में ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे मंत्रियों, विधायकों और जिला अधिकारियों (DM) के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ें। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब बड़े और सक्षम परिवारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने लगेंगे,तभी वास्तविक बदलाव आएगा। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए 15 अगस्त से रात 11 बजे तक Online Teachers उपलब्ध कराने की भी विशेष सुविधा शुरू की जाएगी।




