ललित कला अकादमी (Lalit Kala Akademi) ने नई दिल्ली के रवींद्र भवन में आयोजित 65वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (65th National Exhibition of Art–NEA) के दौरान ललित कला अकादमी पुरस्कारों (Lalit Kala Akademi Awards) के लिए 20 कलाकारों को विजेता घोषित किया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कलाकार और उनकी कृतियाँ हैं—चंद्र शेखर सैनी की My Entire World–I (टेराकोटा, मूर्तिकला), गोपाल चंद्र नस्कर की The Tune of The Srimad Bhagavad Gita (एक्रिलिक ऑन कैनवास, चित्रकला), किशोर कुमार नरखड़िवाला की Paryavaran (ऑयल ऑन कैनवास, चित्रकला), मृणाल डे की Hopeless Settlement (एक्रिलिक ऑन कैनवास, चित्रकला), निधि चोपड़ा की Tangible Dreams (सिरेमिक, मूर्तिकला), निमाई सिंह सारुंगबाम की Mudra–I (टीक वुड, मूर्तिकला), पंकज कुमार शर्मा की Haloed Traveler–II (पैनल वर्क्स, चित्रांकन), पूजा राजपूत की Prakriti Shoshan (सफेद संगमरमर, मूर्तिकला), प्रवीण कुमार की Where The Walls Remember (मिक्स्ड मीडियम, चित्रकला), प्रीतम मधुकर देउसकर की Of Time and The City (एच्चिंग, प्रिंटमेकिंग), राजेंद्र प्रसाद की Sujata With Buddha (वॉटर कलर वॉश, चित्रकला), रमेश विठ्ठल थोरात की Untitled–II (ऑयल ऑन कैनवास, चित्रकला), रविराम रामकृष्णन की Fisherwoman (कॉपर, ऑक्सीडाइज़्ड एवं वेल्डेड, मूर्तिकला), संजय कुमार की When Memories Come Back–7 (मिक्स्ड मीडिया, चित्रकला), संजय कुमार सहानी की Youth (ऑयल ऑन कैनवास, चित्रकला), संजिब कुमार गोगोई की Aakar Nirankar–II (एक्रिलिक एवं ऑयल ऑन कैनवास, चित्रकला), सांता देब की Attraction of Simplicity (सिरेमिक, मूर्तिकला), सिद्धार्थ शाहजीराव शिंगाड़े की Trees (मिक्स्ड मीडिया, चित्रकला), उषारंजन मंडल की Wheel of A Crowded City (मिक्स्ड मीडिया, अन्य माध्यम) तथा विजेंद्र शर्मा की Life 2025 (ऑयल ऑन कैनवास, चित्रकला) शामिल हैं।