नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी पहले निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 (Investment Friendliness Index 2026) में गुजरात ने 56.6 अंक के साथ प्रमुख राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद महाराष्ट्र 53.7 अंक तथा तमिलनाडु 53.3 अंक के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
गुजरात की सफलता का प्रमुख कारण कुशल बंदरगाह संचालन (Efficient Port Operations), मजबूत लॉजिस्टिक्स (Strong Logistics), विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना (Plug-and-Play Infrastructure), 23.8 घंटे प्रतिदिन औसत विद्युत आपूर्ति (Average Power Supply) तथा राष्ट्रीय औसत से लगभग 29% कम औद्योगिक बिजली दरें (Industrial Power Tariffs) हैं।
सूचकांक में 17 प्रमुख राज्यों का मूल्यांकन 84 संकेतकों (Indicators) के आधार पर निम्न आठ स्तंभों (Eight Pillars) में किया गया:
- अवसंरचना (Infrastructure) – 25%
- व्यावसायिक वातावरण (Business Climate) – 20%
- संसाधन (Resources) – 15%
- सरकारी नीति (Government Policy) – 10%
- नियामकीय सुगमता (Regulatory Ease) – 12%
- वित्तीय स्वास्थ्य (Financial Health) – 7%
- संस्थागत वातावरण (Institutional Environment) – 6%
- पर्यावरणीय लचीलापन (Environmental Resilience) – 5%
पर्वतीय एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों (Hilly & North-Eastern States) की श्रेणी में उत्तराखंड प्रथम, असम द्वितीय तथा हिमाचल प्रदेश तृतीय स्थान पर रहे।
केंद्रशासित प्रदेश एवं नगर-राज्य (Union Territories & City States) श्रेणी में गोवा पहले, दिल्ली दूसरे और चंडीगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
रिपोर्ट में राज्यों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:
1.शीर्ष प्रदर्शनकर्ता (Top Performers)
- अग्रणी राज्य (Frontrunners)
- उभरते प्रदर्शनकर्ता (Emerging Performers)
- आकांक्षी राज्य (Aspiring States)
पाँच राज्यों को शीर्ष प्रदर्शनकर्ता तथा 15 राज्यों को अग्रणी राज्य की श्रेणी में रखा गया है, जिनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश भी शामिल हैं।
पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार तथा जम्मू-कश्मीर सहित आठ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को उभरते प्रदर्शनकर्ता तथा मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर सहित आठ राज्यों को आकांक्षी राज्य की श्रेणी में रखा गया है। इस निवेश अनुकूलता सूचकांक (Investment Friendliness Index) का शुभारंभ नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने किया।