Indian Railways में सरकारी नौकरी पाना करोड़ों युवाओं का सपना होता है। चूंकि Railway Recruitment Boards (RRBs) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं, जैसे कि Group D, NTPC, और ALP, में आवेदकों की संख्या लाखों-करोड़ों में होती है, इसलिए इन परीक्षाओं को एक ही दिन या एक ही Shift में आयोजित करना असंभव होता है।
यह परीक्षाएं कई दिनों, हफ्तों और महीनों तक अलग-अलग Shifts में चलती हैं। प्रत्येक Shift में प्रश्न पत्र का कठिनाई स्तर अलग-अलग हो सकता है। किसी Shift में पेपर आसान हो सकता है, तो किसी में कठिन। इस असमानता को दूर करने और सभी उम्मीदवारों को एक समान स्तर पर लाने के लिए, RRB ने एक वैज्ञानिक पद्धति अपनाई है जिसे “Normalization Methodology” कहा जाता है।
हाल ही में, दिनांक 09.02.2026 को भारत सरकार के रेल मंत्रालय और Railway Recruitment Boards ने सभी Centralized Employment Notices (CENs) के लिए Normalization की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में बताया गया है कि अब उम्मीदवारों के “Raw Scores” के बजाय “Percentile Scores” का उपयोग किया जाएगा।
RRB Normalization Method and Formula : Overview
| Parameter | Details |
| Authority | Ministry of Railways, Railway Recruitment Boards (RRBs) |
| Notice Date | February 9, 2026 |
| Subject | Normalization Methodology for Computer Based Test (CBT) |
| Applicability | All Centralized Employment Notices (CENs) for 7th CPC Matrix Posts |
| Core Method | Percentile Equivalence & Interpolation Formula |
| Scoring Scale | 0 to 100 (Relative Performance) |
| Decimal Precision | Calculated up to 5 decimal places to reduce ties |
Understanding Percentile Scores vs. Percentage
अक्सर छात्र “Percentage” और “Percentile” के बीच भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन ये दोनों पूरी तरह से अलग अवधारणाएं हैं।
Difference Between Percentage and Percentile :
Percentage आपके द्वारा प्राप्त किए गए कुल अंकों का एक सीधा हिसाब है (जैसे 100 में से 80 अंक = 80%), जबकि Percentile Score आपकी Relative Performance पर आधारित होता है। नोटिस के अनुसार, Percentile Score यह दर्शाता है कि उस विशेष Shift में कितने प्रतिशत उम्मीदवारों ने आपसे कम या आपके बराबर अंक प्राप्त किए हैं।
Calculation Logic :
RRB ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक Shift के लिए स्कोर को 100 से 0 के पैमाने पर बदला जाएगा।
- The Topper: प्रत्येक Shift में जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक अंक प्राप्त होंगे, उसका Percentile Score हमेशा 100 होगा। यह एक आदर्श स्थिति है जो सुनिश्चित करती है कि कठिन Shift के टॉपर को आसान Shift के टॉपर के बराबर माना जाए।
- The Formula: Percentile Score की गणना इस प्रकार की जाएगी:
(Number of candidates appeared in the ‘Shift’ with raw score EQUAL TO OR LESS than the candidate) ÷ (Total number of candidates who appeared in the ‘Shift’) × 100
इस प्रकार, मेरिट सूची तैयार करने के लिए उम्मीदवार के Raw Marks का नहीं, बल्कि इस Normalized Percentile Score का उपयोग किया जाएगा। यह विधि सुनिश्चित करती है कि किसी भी उम्मीदवार को पेपर के कठिन होने का नुकसान न हो।
Selection of Base Shift and Interpolation Formula
जब कई Shifts में परीक्षाएं होती हैं, तो सभी को एक मानक पर लाने के लिए एक “Base Shift” का चुनाव करना सबसे तकनीकी और महत्वपूर्ण चरण होता है।
Criteria for Identifying the Base Shift :
RRB ने Base Shift के चयन के लिए प्राथमिकता के आधार पर तीन नियम निर्धारित किए हैं:
- Highest Mean (Average): सबसे पहले, सभी Shifts के औसत अंकों की गणना की जाएगी। जिस Shift का औसत सबसे अधिक होगा, उसे Base Shift माना जाएगा। लेकिन इसके लिए एक शर्त है: उस Shift में उम्मीदवारों की उपस्थिति सभी Shifts के औसत उपस्थिति का 70% या उससे अधिक होनी चाहिए।
- Highest Individual Marks: यदि संयोगवश दो Shifts का “Highest Mean” समान हो जाता है, तो उस Shift को Base Shift चुना जाएगा जिसमें किसी उम्मीदवार के “Highest Individual Marks” सबसे ज्यादा होंगे।
- Highest Present Count: यदि उपरोक्त दोनों स्थितियां समान रहती हैं (जो कि दुर्लभ है), तो जिस Shift में सबसे अधिक उम्मीदवार उपस्थित थे, उसे Base Shift माना जाएगा।
Usage of Interpolation Formula :
एक बार Base Shift तय हो जाने के बाद, अन्य सभी Shifts के उम्मीदवारों के Percentile Scores को इस Base Shift के अंकों के साथ मैप करने के लिए “Interpolation Formula” का उपयोग किया जाता है।
- यदि किसी उम्मीदवार का Percentile Score पहले से ही Base Shift में मौजूद है, तो उसके लिए संगत अंक सीधे ले लिए जाते हैं।
- यदि वह Score मौजूद नहीं है, तो नोटिस में दिए गए गणितीय सूत्र का उपयोग करके Normalized Marks की गणना की जाती है। यह प्रक्रिया यह तय करने के लिए महत्वपूर्ण है कि उम्मीदवार ने न्यूनतम योग्यता अंक प्राप्त किए हैं या नहीं।
Merit Determination, Tie-Breaking and Vacancies
अंतिम परिणाम केवल Percentile Score पर आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें पात्रता मानदंड और टाई-ब्रेकिंग नियम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Minimum Qualifying Marks :
मेरिट लिस्ट में शामिल होने के लिए, उम्मीदवारों को अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम प्रतिशत अंक सुरक्षित करने होंगे। Normalized Marks का उपयोग यह जांचने के लिए किया जाएगा कि उम्मीदवार ने निम्नलिखित कट-ऑफ को पार किया है या नहीं:
| Category | Minimum Percentage Required |
| UR (Unreserved) & EWS | 40% |
| OBC (Non-Creamy Layer) | 30% |
| SC | 30% |
| ST | 25% (30% for Level-1 Exam) |
Tie-Breaking Rules :
चूंकि लाखों उम्मीदवार परीक्षा देते हैं, इसलिए अक्सर दो या दो से अधिक उम्मीदवारों का Percentile Score समान (up to 5 decimal places) हो जाता है। ऐसी स्थिति में टाई को तोड़ने के लिए RRB ने निम्नलिखित नियम बनाए हैं:
- Age Preference: अधिक आयु वाले उम्मीदवार को मेरिट में ऊपर रखा जाएगा।
- Alphabetical Order: यदि आयु भी समान है, तो उम्मीदवार के नाम के पहले अक्षर (A-Z) के अनुसार वरीयता दी जाएगी।
Preparation Tips
- Focus on High Accuracy: चूंकि Percentile Score दूसरों की तुलना में आपके प्रदर्शन पर निर्भर करता है, इसलिए “Negative Marking” से बचना बहुत जरूरी है। गलत उत्तर आपके Rank को तेजी से नीचे गिरा सकते हैं।
- Target the Raw Score: कठिन पेपर आने पर घबराएं नहीं। याद रखें, यदि पेपर कठिन है, तो वह सभी के लिए कठिन है। आपका लक्ष्य अपनी Shift का “Topper” बनना होना चाहिए, चाहे अंक कितने भी कम क्यों न हों, क्योंकि Topper को हमेशा 100 Percentile मिलेगा।
- Comprehensive Study: सिलेबस का कोई भी हिस्सा न छोड़ें। Base Shift का चयन पूरी तरह से गणितीय आंकड़ों पर होता है, इसलिए आपको हर तरह के प्रश्नों के लिए तैयार रहना चाहिए।
- Stay Beware of Touts: नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि नौकरी के झूठे वादे करने वाले दलालों से सावधान रहें। भर्ती केवल CBT और मेरिट के आधार पर होगी।
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